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एसटी भूमि संपरिवर्तन से रजिस्ट्री तक विवाद: 5 माह बाद भी जांच पूरी नहीं

Bnitimes.com/ Report Ashraf maroti /Balotra

20 दिन में बदली किस्मत? एसटी कृषक की भूमि संपरिवर्तन से रजिस्ट्री तक मामला, 5 माह से जांच लंबितबालोतरा। तहसील पचपदरा के राजस्व ग्राम मंडापुरा में एसटी वर्ग के दिवंगत कृषक ढलाराम पुत्र नारणाराम भील की कृषि भूमि के संपरिवर्तन और उसके बाद कम समय में हुई रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार 08 फरवरी 2007 को कृषि भूमि को आवासीय प्रयोजन हेतु संपरिवर्तित किया गया, जबकि 28 फरवरी 2007 को उसी भूमि के एक हिस्से का विक्रय पंजीयन किया गया।परिजनों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में कई बिंदुओं पर सवाल उठते हैं। उनके अनुसार संपरिवर्तन आवेदन में तिथि अंकित नहीं है और अंगूठा निशान का प्रमाणीकरण भी स्पष्ट नहीं है। वहीं, पटवारी जांच रिपोर्ट (17 जनवरी 2006) में जिन दस्तावेजों का उल्लेख है, उनमें से कुछ दस्तावेज बाद की तिथियों में जोड़े जाने का भी आरोप लगाया गया है। रजिस्ट्री दस्तावेजों को लेकर भी परिजनों ने आपत्तियां जताई हैं। उनका कहना है कि कथित क्रेता के हस्ताक्षर नहीं हैं और गवाहों से संबंधित पहचान दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा नकद 95,000 रुपये के भुगतान को लेकर भी नियमों के पालन पर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले को लेकर परिजनों द्वारा जिला प्रशासन को कई शिकायतें दी गई हैं। 10 नवंबर 2025 को दी गई शिकायत के बाद भी अब तक जांच पूरी नहीं होने पर देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। मुख्य सवालक्या भूमि संपरिवर्तन और उसके बाद की रजिस्ट्री में सभी नियमों का पालन हुआ?दस्तावेजों में दर्ज तिथियों और संलग्नकों का क्रम सही है या नहीं?जांच में देरी के कारण क्या हैं? क्या इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी? परिजनों की मांग परिजनों ने संबंधित संपरिवर्तन आदेश और विक्रय रजिस्ट्री को निरस्त करने, मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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